राधा माता की आरती (Radha Mata's Aarti)
॥ आरती — श्री राधा माता जी की (दोहा‑शैली) ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की, मञ्जुल मूर्ति मोहन ममता की। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल...
पढ़ें →भारतीय संस्कृति में देवी माता की पूजा का विशेष स्थान है। मातृ शक्ति को समस्त ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्ति माना जाता है। देवी आरती में माता दुर्गा, माता लक्ष्मी, माता सरस्वती, माता काली, माता पार्वती और नवदुर्गा के विभिन्न रूपों की स्तुति की जाती है। प्रत्येक देवी का अपना विशेष महत्व और शक्ति है - दुर्गा माता शक्ति और रक्षा की प्रतीक हैं, लक्ष्मी जी धन-समृद्धि की, सरस्वती जी ज्ञान-विद्या की और काली माता विनाश और नवसृजन की। देवी आरती विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा और शुक्रवार के दिन की जाती है। देवी की आरती करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, संतान को आशीर्वाद मिलता है और परिवार की रक्षा होती है। देवी आरती में "जय अम्बे गौरी", "महालक्ष्मी अष्टकम" और "सरस्वती वंदना" जैसी प्रसिद्ध आरतियां शामिल हैं। यहां आपको सभी देवी माताओं की संपूर्ण आरती हिंदी और अन्य भाषाओं में मिलेगी जिन्हें आप अपनी दैनिक पूजा में शामिल कर सकते हैं। प्रत्येक आरती के साथ उसका सही उच्चारण, अर्थ और पूजा की सही विधि भी दी गई है।
॥ आरती — श्री राधा माता जी की (दोहा‑शैली) ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की, मञ्जुल मूर्ति मोहन ममता की। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शाकम्भर अम्बा जी की ॥ हरि ॐ, श्री शाकम्भर अम्बा जी की आरती कीजो। ऐसो अद्भुत रूप हृदय धर लीजो, शताक्षी दयालु की आरती कीजो...
पढ़ें →॥ आरती — देवी शैलपुत्री जी (दोहा‑शैली) ॥ शैलपुत्री माँ बैल असवार, करें देवता जय‑जयकार। शिव‑शंकर की प्रिय भवानी, तेरी महिमा किसी ने न...
पढ़ें →॥ आरती — देवी ब्रह्मचारिणी जी की ॥ जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता, जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो, ज्ञान सभी को सिख...
पढ़ें →॥ आरती — देवी चन्द्रघण्टा जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय माँ चन्द्रघण्टा, सुख धाम पूर्ण कीजो मेरे काम। चन्द्र समाज तू शीतल दाती, चन्द्र तेज क...
पढ़ें →॥ आरती — देवी कूष्मण्डा जी की (दोहा‑शैली) ॥ कूष्मण्डा जय जग सुखदानी, मुझ पर दया करो महारानी। पिङ्गला ज्वालामुखी निराली, शाकम्बरी मा...
पढ़ें →॥ आरती — देवी स्कन्दमाता जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय तेरी हो स्कन्द माता, पांचवां नाम तुम्हारा आता। सबके मन की जान हारी, जग जननी सबकी महतार...
पढ़ें →॥ आरती — देवी कालरात्रि जी की (दोहा‑शैली) ॥ कालरात्रि जय‑जय महाकाली, काल के मुख से बचाने वाली। दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा, महाचंडी ते...
पढ़ें →॥ आरती — देवी महागौरी जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय महागौरी, जग की माया, जय उमा भवानी, जय महामाया। (जय महागौरी माता॥) हरिद्वार‑कनखल के पासा, म...
पढ़ें →॥ आरती — देवी सिद्धिदात्री जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय सिद्धिदात्री माँ, तू सिद्धि की दाता। तु भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता॥ जय सिद्ध...
पढ़ें →॥ आरती — श्री राणी सती जी की ॥ जय श्री राणी सती मैया, जय जगदम्ब सती जी। अपने भक्तजनों की दूर करो विपती॥ जय श्री राणी सती मैया। अपनि अ...
पढ़ें →॥ आरती — एकादशी माता की ॥ ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता॥ विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ ॐ जय एकादशी… तेर...
पढ़ें →श्री सीता जी की आरती आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की। आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की। जगत जननी, जग क...
पढ़ें →॥ करवा चौथ आरती ॥ ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नैया।। ओम जय करवा मैया। सब जग की हो माता, तुम हो रुद्...
पढ़ें →॥ भगवद् गीता आरती ॥ जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते। हरि‑हिय‑कमल‑विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते ॥ जय भगवद् गीते। कर्म‑सुमर्म‑प्रकाशिन...
पढ़ें →॥ करणी माता जी आरती ॥ ॐ जय अम्बे करणी, मैया जय अम्बे करणी। भक्त जनन भय संकट, पल‑छिन में हरणी ॥ ॐ जय अम्बे करणी… आदि शक्ति अविनासी, वेद...
पढ़ें →॥ आरती — कामाख्या देवी की ॥ आरती कामाख्या देवी की, जगत् उधारक सुर सेवी की ॥ आरती कामाख्या देवी की … गावत वेद पुराण कहानी, योनिरुप ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री वैष्णो देवी ॥ जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता। हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता॥ जय वैष्णवी माता॥ शीश पे छत्र विर...
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