मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →एकादशी प्रत्येक माह में दो बार आती है। यह विष्णु भक्ति का विशेष दिन है। एकादशी व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन अन्न त्याग कर फलाहार किया जाता है। एकादशी की आरती अत्यंत पवित्र है। व्रत करने से पाप नष्ट होते हैं। मोक्ष प्राप्ति के लिए एकादशी सर्वश्रेष्ठ है।
॥ आरती — एकादशी माता की ॥
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता॥
विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥
ॐ जय एकादशी…
तेरे नाम गिनाऊँ देवी, भक्ति प्रदान करनी।
गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥
ॐ जय एकादशी…
मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना, विश्वतारणी जन्मी।
शुक्लपक्ष में हुई मोक्षदा, मुक्तिदाता बन आई॥
ॐ जय एकादशी…
पौष के कृष्णपक्ष की, सफला नामक है।
शुक्लपक्ष में होय पुत्रदा, आनन्द अधिक रहै॥
ॐ जय एकादशी…
नाम षटतिला माघ मास में, कृष्णपक्ष आवै।
शुक्लपक्ष में जया, कहावै, विजय सदा पावै॥
ॐ जय एकादशी…
विजया फाल्गुन कृष्णपक्ष में, शुक्ला आमलकी।
पापमोचनी कृष्णपक्ष में, चैत्र महाबलि की॥
ॐ जय एकादशी…
चैत्र शुक्ल में नाम कामदा, धन देने वाली।
नाम बरुथिनी कृष्णपक्ष में, वैशाख माह वाली॥
ॐ जय एकादशी…
शुक्लपक्ष में होय मोहिनी अपरा, ज्येष्ठ कृष्णपक्षी।
नाम निर्जला सब सुख करनी, शुक्लपक्ष रखी॥
ॐ जय एकादशी…
योगिनी नाम आषाढ़ में जानों, कृष्णपक्ष करनी।
देवशयनी नाम कहायो, शुक्लपक्ष धरनी॥
ॐ जय एकादशी…
कामिका श्रावण मास में आवै, कृष्णपक्ष कहिए।
श्रावण शुक्ला होय पवित्रा, आनन्द से रहिए॥
ॐ जय एकादशी…
अजा भाद्रपद कृष्णपक्ष की, परिवर्तिनी शुक्ला।
इन्द्रा आश्चिन कृष्णपक्ष में, व्रत से भवसागर निकला॥
ॐ जय एकादशी…
पापांकुशा है शुक्लपक्ष में, आप हरनहारी।
रमा मास कार्तिक में आवै, सुखदायक भारी॥
ॐ जय एकादशी…
देवोत्थानी शुक्लपक्ष की, दुखनाशक मैया।
पावन मास में करूं विनती, पार करो नैया॥
ॐ जय एकादशी…
परमा कृष्णपक्ष में होती, जन मंगल करनी।
शुक्ल मास में होय पद्मिनी, दुख दारिद्र हरनी॥
ॐ जय एकादशी…
जो कोई आरती एकादशी की, भक्ति सहित गावै।
जन गुरदिता स्वर्ग का वासा, निश्चय वह पावै॥
ॐ जय एकादशी…