मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →हिंगुला हिंगलाज माता पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हैं। यह सबसे दूर स्थित शक्तिपीठ है। सती का ब्रह्मरंध्र यहां गिरा था। हिंगलाज यात्रा अत्यंत कठिन और पुण्यदायी है। हिंदू श्रद्धालु बड़ी कठिनाई से यात्रा करते हैं। हिंगलाज आरती अत्यंत पवित्र है। आरती से हिंगलाज माता की विशेष कृपा और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
जय हिंगुला माता, हृदय की दया अविरल।
पर्वत‑तट की तेरी छवि, भक्तों का रखवाला महाविरल॥ जय माता ॥
तेरे शिर से पवित्र धरा बनी, शिव‑स्तुति का धन्य राग।
आओ जो तेरे चरणों में झुकें, मिटे उनकी हरि̄काग।॥ जय हिंगुला माता ॥
दीप जलाएँ, धूप करें, पुष्प अर्पित कर मन से।
करुणा कर माँ दया करो, दूर करो विपदा सभी से॥ जय माता ॥
हाथ जोड़कर करते हम भजन, गूँजे नाम तेरा बारम्बार।
हिंगुलाज की महिमा अनंत, दे हमें जीवन में दे उजियार॥ जय हिंगुला माता — जय जय माता॥