नवदुर्गा आरती संग्रह - नौ देवी रूपों की पूजा विधि

नवदुर्गा माता के नौ दिव्य स्वरूपों का संग्रह है जिनकी पूजा नवरात्रि के नौ दिनों में की जाती है। प्रत्येक दिन एक विशेष देवी रूप की आराधना होती है - शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। नवदुर्गा की पूजा से भक्तों को शक्ति, समृद्धि, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रत्येक देवी का अपना विशेष मंत्र, ध्यान श्लोक और आरती है। नवरात्रि में नौ दिनों तक इन देवियों की क्रमबद्ध पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। शैलपुत्री प्रकृति की शक्ति का प्रतीक हैं, ब्रह्मचारिणी तपस्या और ज्ञान की, चंद्रघंटा शौर्य की, कुष्मांडा सृजन की, स्कंदमाता ममता की, कात्यायनी शक्ति की, कालरात्रि काल के विनाश की, महागौरी पवित्रता की और सिद्धिदात्री सिद्धियों की देवी हैं। यहां आपको नवदुर्गा की संपूर्ण आरती, स्तोत्र, मंत्र और पूजा विधि विस्तार से मिलेगी। प्रत्येक देवी के लिए विशेष भोग, रंग और पूजा सामग्री की जानकारी भी दी गई है।

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अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती ( Maa Durga Maa Kali Aarti )

॥ श्री अम्बे — जगदम्बे काली आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परवाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आर...

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