मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →भगवद गीता हिंदू धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथ है। इसमें भगवान कृष्ण ने अर्जुन को जीवन का उपदेश दिया। गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को मनाई जाती है। गीता की आरती अत्यंत पवित्र है। इसके पाठ से जीवन में शांति और ज्ञान मिलता है।
॥ भगवद् गीता आरती ॥
जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते।
हरि‑हिय‑कमल‑विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते ॥
जय भगवद् गीते।
कर्म‑सुमर्म‑प्रकाशिनि, कामासक्ति‑हारा।
तत्त्वज्ञान‑विकाशिनि, विद्या ब्रह्म परा ॥
जय भगवद् गीते।
निश्चल‑भक्ति‑विधायिनि, निर्मल मलहारी।
शरण‑सहस्य‑प्रदायिनि, सब विधि सुखकारी ॥
जय भगवद् गीते।
राग‑द्वेष‑विदारिणि, करिणि मोद सदा।
भव‑भय‑हारिणि, तारिणि परमानन्दप्रदा ॥
जय भगवद् गीते।
आसुर‑भाव‑विनाशिनि, नाशिनि तम रजनी।
दैवी सद् गुणदायिनि, हरि‑रसिका सजनी ॥
जय भगवद् गीते।
समता, त्याग सिखावनि, हरि‑मुख की बानी।
सकल शास्त्र की स्वामिनी, श्रुतियों की रानी ॥
जय भगवद् गीते।
दया‑सुधा बरसावनि, मातु! कृपा कीजै।
हरिपद‑प्रेम दान कर, अपनो कर लीजै ॥
जय भगवद् गीते।