मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →शैलपुत्री माता नवदुर्गा की पहली देवी हैं। नवरात्रि के पहले दिन उनकी पूजा होती है। शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। उनकी आरती नवरात्रि की शुरुआत है। वृषभ पर सवार देवी शूल और कमल धारण करती हैं। आरती से नवरात्रि का शुभ आरंभ होता है। माता की कृपा से सभी मंगल कार्य संपन्न होते हैं।
॥ आरती — देवी शैलपुत्री जी (दोहा‑शैली) ॥
शैलपुत्री माँ बैल असवार, करें देवता जय‑जयकार।
शिव‑शंकर की प्रिय भवानी, तेरी महिमा किसी ने न जानी॥
पार्वती तू उमा कहलावें, जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें।
रिद्धि‑सिद्धि परवान करै तू, दया करै धनवान करै तू॥
सोमवार को शिव संग प्यारी, आरती जिसने तेरी उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो, सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो॥
घी का सुन्दर दीप जला के, गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मन्त्र जपायें, प्रेम सहित फिर शीश झुकायें॥
जय गिरिराज किशोरी अम्बे, शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे।
मनोकामना पूर्ण कर दो, चमन सदा सुख‑सम्पत्ति भर दो॥