मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →भारतीय संस्कृति में देवी माता की पूजा का विशेष स्थान है। मातृ शक्ति को समस्त ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्ति माना जाता है। देवी आरती में माता दुर्गा, माता लक्ष्मी, माता सरस्वती, माता काली, माता पार्वती और नवदुर्गा के विभिन्न रूपों की स्तुति की जाती है। प्रत्येक देवी का अपना विशेष महत्व और शक्ति है - दुर्गा माता शक्ति और रक्षा की प्रतीक हैं, लक्ष्मी जी धन-समृद्धि की, सरस्वती जी ज्ञान-विद्या की और काली माता विनाश और नवसृजन की। देवी आरती विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा और शुक्रवार के दिन की जाती है। देवी की आरती करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, संतान को आशीर्वाद मिलता है और परिवार की रक्षा होती है। देवी आरती में "जय अम्बे गौरी", "महालक्ष्मी अष्टकम" और "सरस्वती वंदना" जैसी प्रसिद्ध आरतियां शामिल हैं। यहां आपको सभी देवी माताओं की संपूर्ण आरती हिंदी और अन्य भाषाओं में मिलेगी जिन्हें आप अपनी दैनिक पूजा में शामिल कर सकते हैं। प्रत्येक आरती के साथ उसका सही उच्चारण, अर्थ और पूजा की सही विधि भी दी गई है।
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →आरती — नागपूशनी माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ) जय नागपूशनी माता, करुणा की मूरत न्यारी। पायल तेरी पवित्र जो गिरी, बनी भूमि यहाँ प्रयारी...
पढ़ें →जय हिंगुला माता, हृदय की दया अविरल। पर्वत‑तट की तेरी छवि, भक्तों का रखवाला महाविरल॥ जय माता ॥ तेरे शिर से पवित्र धरा बनी, शिव‑स्तुति क...
पढ़ें →॥ आरती — भुवनेश्वरी माता ॥ जय भुवनेश्वरी माता, जग की पालक प्यारी। करुणा की छाया फैला, दीनों की तू सहकारी। भुवन‑नवनीता, जगत की तू देव...
पढ़ें →॥ आरती — बगलामुखी माता ॥ जय बगलामुखी माता, दया करो निर्मल रूप। शत्रु जो करें विघ्नकारी, तुम करो उनका संहार रूप॥ जय माता ॥ तेरे नाम क...
पढ़ें →आरती — सावित्री माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ) जय सावित्री माता, कुरुक्षेत्र की तुम धरा। सीधे पैर का पवित्र टखना, बनी यहाँ देवी की शरणा...
पढ़ें →आरती — त्रिपुरमालिनी माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ) जय त्रिपुरमालिनी माता, करुणा की मूरत भारी। तेरे वक्ष का पवित्र स्पर्श, करे हृदय क...
पढ़ें →आरती — श्री ललिता माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ) जय ललिता माता, करुणा की मूरत प्यारी। प्रयाग के तट पर तेरा ही ध्यानी, भक्तों की आशा निरा...
पढ़ें →॥ आरती — विशालाक्षी माता (काशी) ॥ जय विशालाक्षी माता, काशी की दयामयी छवि। कुंडल तेरा दिव्य जो गिरे, बनी पवित्र यह भूमि। तेरे चरण वंदन...
पढ़ें →आरती — कात्यायनी माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ) जय कात्यायनी माता, शक्ति रूपा महा जय। संकट हरती, संकट भगावै, करुणा करो सदा दयाज़य॥ जय म...
पढ़ें →आरती — अमरनाथ माता (एक भक्ति‑पाठ) जय अमरनाथ माता, करुणा की अमर छाया। हिमशिखर के गर्भ में तू, भक्ति का उजियारा सामा॥ जय अमरनाथ माता ॥ ...
पढ़ें →॥ आरती — कलिघाट काली माता ॥ जय काली माता, जय जय काली माता। कलिघाट के चरणों में, दीनों की माँ प्यारी माता। जय काली माता, जय जय काली माता...
पढ़ें →॥ आरती — ब्रह्मराम्बा माता (स्रीशैलम) ॥ जय ब्रह्मराम्बा माता, जय जय महादेवी माता। शक्ति स्वरूपा जगनाथा, करुणा की मूरत न्यारी माता॥ ...
पढ़ें →॥ आरती — विंध्यवासिनी माता ॥ जय विंध्यवासिनी माता, जय जय विंध्यवासिनी माता। भक्तन के सुख दाता, संकट हरने वाली माता। जय विंध्यवासि...
पढ़ें →॥ आरती — चिंतपूर्णी माता ॥ जय मां चिंतपूर्णी, करुणा की मूरत न्यारी। तेरे ही चरण जो दृढ़ धरे, मिटे सब मन की कड़वी सारी॥ जय मां चिंतपूर...
पढ़ें →॥ आरती — अन्नपूर्णा माता ॥ जय अन्नपूर्णा माता, जग के दाता सुखदाई। भोजन का जो रूप धरे, करुणा की मूरत आई॥ जय अन्नपूर्णा माता ॥ कमलासन ...
पढ़ें →॥ आरती — त्रिपुरा सुन्दरी माता ॥ जय त्रिपुरा सुन्दरी, जय जय ललिता माता। जय करुणा की मूरत, जग भक्तन की घटा॥ जय त्रिपुरा सुन्दरी, जय जय...
पढ़ें →॥ आरती — श्री कामाक्षी अम्मन ॥ जय कामाक्षी माता, जय जय कामाक्षी माता। ज्ञान‑कौशल्या, दीनदया, करुणा की मूरत माता। जय कामाक्षी माता, ...
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