मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →राधा माता कृष्ण की परम प्रेमिका और शक्ति हैं। राधा-कृष्ण की जोड़ी दिव्य प्रेम का प्रतीक है। वृंदावन में राधा की विशेष पूजा होती है। राधा आरती अत्यंत मधुर और प्रेममय है। राधाष्टमी पर उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है। आरती से प्रेम और भक्ति की प्राप्ति होती है। राधा की कृपा से कृष्ण भक्ति मिलती है।
॥ आरती — श्री राधा माता जी की (दोहा‑शैली) ॥
आरती श्री वृषभानुसुता की, मञ्जुल मूर्ति मोहन ममता की।
त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल विवेक‑विराग विकासिनी॥
आरती श्री वृषभानुसुता की॥
पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनी, सुन्दरतम छवि सुन्दरता की।
मुनि मन मोहन मोहन मोहनी, मधुर मनोहर मूर्ति सोहनी॥
आरती श्री वृषभानुसुता की॥
अविरल प्रेम अमिय रस दोहनि, प्रिय अति सदा सखी ललिता की।
संतत सेव्य सत मुनिजन की, आकर अमित दिव्यगुण गनकी॥
आरती श्री वृषभानुसुता की॥
आकर्षिणी कृष्ण तन‑मन की, अति अमूल्य सम्पति समता की।
कृष्णात्मिका कृष्ण सहचारिणि, चिन्मय वृन्दा विपिन विहारिणि॥
आरती श्री वृषभानुसुता की॥
जगज्जननी जग दुःखनिवारिणि, आदि अनादि शक्ति विभूता की।