मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →माता सीता भगवान राम की पत्नी और आदर्श महिला हैं। उन्हें धैर्य, पवित्रता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। सीता जी ने वनवास में सभी कष्ट सहे। उनकी आरती स्त्रियों के लिए प्रेरणादायक है। सीता जी को पृथ्वी पुत्री कहा जाता है। आरती से पारिवारिक सुख-शांति और समृद्धि मिलती है।
श्री सीता जी की आरती
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।
जगत जननी, जग की विस्तारिणी, नित्य सत्य साकेत विहारिणी,
परम दयामयी, दिनोधारिणी, सीता मैय्या भक्तन हितकारी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।
श्री शिरोमणि, पति हित कारिणी, पति सेवा विटर वन‑वन चारिणी,
पति हित, पति वियोग स्वीकारिणी, त्याग धर्म मूर्ति धरी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।
विमल कीर्ति सब लोकन छाई, नाम लेत पवन मति आई,
सुमिरत काटत कष्ट दुःख दाई, शरणागत जन भय हरी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।
आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की।