मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →राणी सती राजस्थान की प्रसिद्ध सती हैं। उनका मंदिर झुंझुनू में स्थित है। राणी सती सतीत्व और पतिव्रता का प्रतीक हैं। उनकी आरती अत्यंत भक्तिमय है। श्रद्धालु दूर से दर्शन करने आते हैं। राणी सती की पूजा से परिवार में सुख-शांति आती है। यह राजस्थानी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
॥ आरती — श्री राणी सती जी की ॥
जय श्री राणी सती मैया, जय जगदम्ब सती जी।
अपने भक्तजनों की दूर करो विपती॥
जय श्री राणी सती मैया।
अपनि अनन्त ज्योति अखण्डित, मंडित चहुँककूंभा।
दुरजन दलन खडग की, विद्युतसम प्रतिभा॥
जय श्री राणी सती मैया।
मरकत मणि मन्दिर अति मंजुल, शोभा लखि न बड़े।
ललित ध्वजा चहुँ ओर, कंचन कलश धरे॥
जय श्री राणी सती मैया।
घण्टा घनन घड़ावल बाजत, शंख मृदंग घुरे।
किन्नर गायन करते, वेद ध्वनि उचरे॥
जय श्री राणी सती मैया।
सप्त मातृका करें आरती, सुरगम ध्यान धरे।
विविध प्रकार के व्यंजन, श्री फल भेंट धरे॥
जय श्री राणी सती मैया।
संकट विकट विदारणी, नाशनी हो कुमति।
सेवक जन ह्रदय पटले, मृदुल करन सुमति॥
जय श्री राणी सती मैया।
अमल कमल दल लोचनी, मोचनी त्रय तापा।
दास आयो शरण आपकी, लाज रखो माता॥
जय श्री राणी सती मैया।
श्री राणी सती मैयाजी की आरती जो कोई नर गावे
सदनसिद्धि नवनिधि, मनवांछित फल पावे॥
जय श्री राणी सती मैया।