मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →विश्वकर्मा सृष्टि के महान शिल्पकार हैं। वे सभी कारीगरों और मजदूरों के देवता हैं। विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को होती है। विश्वकर्मा आरती कला और शिल्प का सम्मान है। औजारों और मशीनों की पूजा की जाती है। आरती से कार्य में कुशलता आती है। विश्वकर्मा की कृपा से सभी निर्माण कार्य सफल होते हैं।
॥ श्री विश्वकर्मा आरती ॥
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो, प्रभु विश्वकर्मा।
सुदामा की विनय सुनी और कंचन महल बनाये।
सकल पदारथ देकर प्रभु जी दुखियों के दुख टारे।
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
विनय करी भगवान कृष्ण ने, द्वारिकापुरी बनाओ।
ग्वाल बालों की रक्षा की, प्रभु की लाज बचायो।
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
रामचन्द्र ने पूजन की तब, सेतु बाँध रचि डारो।
सब सेना को पार कराया, प्रभु लंका विजय करावो।
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
श्री कृष्ण की विजय सुनो, प्रभु आके दर्शन दिखावो।
शिल्प‑विद्या का दो प्रकाश, मेरा जीवन सफल बनावो।
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥