राई दामोदर भगवान की कथा | कार्तिक पंचमी का व्रत और महत्व
🌸कार्तिक मास की पंचमी तिथि की पावन कथा🌸 कार्तिक के पावन महीने में अनेक धार्मिक कथाएं कही-सुनी जाती हैं, किन्तु यह कथा अत्यंत विशिष्...
पढ़ें →कार्तिक मास हिंदू कैलेंडर का आठवां महीना है जो अक्टूबर-नवंबर में आता है और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों का समय है। यह माह अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। कार्तिक मास में प्रातःकाल स्नान और तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। इस महीने में दीपदान की परंपरा है जिसमें प्रतिदिन संध्या समय मंदिरों और घाटों पर दीपक जलाए जाते हैं। कार्तिक में दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और देव दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार आते हैं। कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है जब गंगा स्नान और दीपदान किया जाता है। कार्तिक मास को दामोदर मास भी कहा जाता है और इसमें भगवान विष्णु की विशेष पूजा होती है। इस महीने में तुलसी विवाह का पर्व भी मनाया जाता है। प्रदोष व्रत और एकादशी व्रत इस माह में विशेष फलदायी होते हैं। कार्तिक मास में शाकाहार का पालन करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यहां आपको कार्तिक मास के सभी व्रत-त्योहारों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। दीपदान की विधि, तुलसी पूजन, तुलसी विवाह और कार्तिक स्नान की परंपराएं विस्तार से बताई गई हैं।
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पढ़ें →धर्मराज व्रत कथा - मोक्ष प्राप्ति का मार्ग एक धर्मपरायण ब्राह्मणी थी जो मृत्यु के पश्चात भगवान के लोक में पहुंची। वहां पहुंचकर उसने ...
पढ़ें →बहुत समय पहले एक बुढ़िया माई रहती थी। वह नित्य व्रत-उपवास करती और नियमों का पालन करती थी। एक दिन यमदूत उसे लेने आ गए। बुढ़िया मा...
पढ़ें →एक गाँव में एक साहुकार के सात बेटे और एक बेटी थी। सातों भाई और बहन में बहुत प्यार था। करवा चौथ के दिन सेठानी ने सातों बहुओं और बेटी के सा...
पढ़ें →एक लपसी था और एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोज़ सवा सेर की लपसी बनाकर भगवान का भोग लगाकर ग्रहण कर लेता थ...
पढ़ें →प्राचीन समय में एक गाँव था जिसमें दो बहने रहा करती थी. एक बहन का नाम गंगा था तो दूसरी बहन का नाम जमुना था. एक बार दोनों बहने एक साहूकार के ...
पढ़ें →किसी गाँव में एक साहूकार था और उसका एक बेटा व बहू भी थे. बहू कार्तिक माह में रोज सवेरे उठकर गंगा स्नान के लिए जाती थी. सुबह जल्दी जाते समय...
पढ़ें →एक गूज़री थी । उसने अपनी बहू से कहा कि तू दूध – दही बेच आ । तो वह दूध – दही बेचने गई । कार्तिक महीना था । वहां पर सब औरतें पीपल सींचने आत...
पढ़ें →एक गांव में एक साहूकार रहता था। साहूकार के एक बेटी थी । वह हर रोज पीपल सींचने जाती थी । पीपल के वृक्ष में से लक्ष्मी जी प्रकट होती थी और च...
पढ़ें →कार्तिक महीने में सब औरतें तुलसी माता को सींचने जाती । सब तो सींच कर आतीं परन्तु एक बुढ़िया आती और कहती कि हे तुलसी माता ! सब की दाता मैं ...
पढ़ें →एक राजा था, उसका प्रण था वह रोज सवा मन आंवले दान करके ही खाना खाता था। इससे उसका नाम आंवलया राजा पड़ गया। एक दिन उसके बेटे बहू ने सोचा कि र...
पढ़ें →एक अन्धी बुढ़िया माई के बेटाव बहू थे । वे लोग बहुत गरीब थे । बुढ़िया माई रोज गणेश जी की पूजा करती थी । एक दिन गणेश जी उससे प्रसन्न हुये ओर...
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