चैत्र मास - नववर्ष और नवरात्रि का समय

चैत्र मास हिंदू पंचांग का पहला महीना है जो मार्च-अप्रैल में आता है और नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह माह वसंत ऋतु का समय होता है जब प्रकृति अपने पूर्ण सौंदर्य पर होती है। चैत्र मास का सबसे महत्वपूर्ण पर्व चैत्र नवरात्रि है जिसमें नौ दिनों तक माता दुर्गा की आराधना की जाती है। चैत्र नवमी को राम नवमी मनाई जाती है जो भगवान राम के जन्मोत्सव का दिन है। इस दिन मंदिरों में भगवान राम की विशेष पूजा होती है और रामायण का पाठ किया जाता है। चैत्र मास में गुड़ी पड़वा या उगादि का पर्व भी मनाया जाता है जो महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में नववर्ष का प्रतीक है। हनुमान जयंती भी चैत्र मास में आती है। इस महीने में किया गया व्रत और पूजा विशेष फलदायी होती है। चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। वसंत होने के कारण यह समय नए कार्यों के शुभारंभ के लिए उत्तम माना जाता है। यहां आपको चैत्र मास के सभी व्रत-पर्वों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। चैत्र नवरात्रि की पूजा विधि, राम नवमी की कथा और हनुमान जयंती के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया है।

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