शरद पूर्णिमा व्रत कथा
एक साहूकार की दो बेटियाँ थीं। दोनों बेटियाँ पूर्णिमा का व्रत रखती थीं। बड़ी बेटी पूर्ण व्रत करती थी, पर छोटी बेटी अधूरा व्रत रखती थी। ...
पढ़ें →आश्विन मास हिंदू पंचांग का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण महीना है जो सितंबर-अक्टूबर में आता है। यह माह शरद ऋतु का सूचक है और इसमें कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। आश्विन मास का सबसे प्रमुख उत्सव शारदीय नवरात्रि है जिसमें नौ दिनों तक माता दुर्गा की आराधना की जाती है। इस माह में दशहरा, विजयादशमी और दीपावली जैसे महापर्व भी आते हैं। आश्विन मास में किया गया दान-पुण्य और व्रत-उपवास विशेष फलदायी माना जाता है। इस महीने में पितृपक्ष भी आता है जब अपने पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी को राम नवमी भी मनाई जाती है। इस मास में गंगा स्नान और तीर्थ यात्रा का विशेष महत्व है। मौसम का परिवर्तन और प्रकृति की सुंदरता इस मास को और भी खास बनाती है। यहां आपको आश्विन मास के सभी व्रत-पर्व, उनकी तिथियां, पूजा विधि, कथाएं और महत्व की विस्तृत जानकारी मिलेगी। नवरात्रि की नौ देवियों की पूजा विधि और दशहरा मनाने की परंपराएं भी विस्तार से बताई गई हैं।
एक साहूकार की दो बेटियाँ थीं। दोनों बेटियाँ पूर्णिमा का व्रत रखती थीं। बड़ी बेटी पूर्ण व्रत करती थी, पर छोटी बेटी अधूरा व्रत रखती थी। ...
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