आरती संग्रह - भारतीय संस्कृति की पवित्र परंपरा

आरती हिंदू धर्म की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र परंपरा है जो सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। यह एक भक्तिमय अनुष्ठान है जिसमें दीपक या कपूर की लौ से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। आरती के समय मंगलमय वातावरण में घंटियों की मधुर ध्वनि, शंख की गूंज और भक्तिगीतों का सामूहिक गायन होता है जो मन को शांति और आत्मा को तृप्ति प्रदान करता है। प्रत्येक देवी-देवता की अपनी विशिष्ट आरती होती है जिसमें उनके गुणों, लीलाओं और महिमा का वर्णन होता है। सुबह और शाम की आरती का विशेष महत्व माना जाता है। आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, नकारात्मकता दूर होती है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है। यहां आपको विभिन्न देवी-देवताओं की संपूर्ण आरती संग्रह मिलेगा जिसमें लिखित पाठ के साथ-साथ उनका अर्थ और पूजा विधि भी दी गई है। चाहे आप गणेश जी की आरती हो, लक्ष्मी जी की, हनुमान जी की या किसी भी अन्य देवता की आरती खोज रहे हों, यहां आपको पूर्ण जानकारी मिलेगी।

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राधा माता की आरती (Radha Mata's Aarti)

॥ आरती — श्री राधा माता जी की (दोहा‑शैली) ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की, मञ्जुल मूर्ति मोहन ममता की। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल...

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गौ माता की आरती (Gau Mata ki Aarti )

॥ आरती — श्री गौमाताजी की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्व धैय्या की। आरती श्री गैय्या मैंय्या की...। अर्थकाम सद्धर्म ...

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तुलसी माता आरती (Tulsi Mata Aarti)

॥ आरती — श्री तुलसी जी की ॥ जय जय तुलसी माता, सबकी सुखदाता वर माता। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर, रुज से रक्षा करके भव त्राता। जय जय ...

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गंगाजी की आरती (Gangaji’s Aarti)

॥ आरती — श्री गंगाजी ॥ ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥ ॐ जय गंगे माता॥ चन्द्र‑सी ज्योति तुम...

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माँ सरस्वती आरती (Maa Saraswati Aarti)

॥ आरती — श्री सरस्वती जी ॥ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता॥ चन्द्रवद...

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अम्बे माता आरती (Ambe Mata Aarti)

॥ आरती — श्री अम्बे गौरी की ॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु‑कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥ जय अम्बे गौरी॥ ब्रह्माणी रुद्राण...

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