मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →पार्वती माता भगवान शिव की पत्नी और शक्ति स्वरूपा हैं। पार्वती हिमालय की पुत्री हैं। उन्हें गौरी, उमा और महागौरी भी कहते हैं। पार्वती आरती पति-पत्नी के प्रेम का प्रतीक है। तीज पर उनकी विशेष पूजा होती है। आरती से वैवाहिक सुख मिलता है। माता की कृपा से पारिवारिक समृद्धि आती है।
॥ श्री पार्वती माता जी की आरती ॥
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता॥
अरिकुल पद्म विनाशी, निजय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा, हरिहर गुण गाता॥
जय पार्वती माता॥
सिंह को वाहन साजे, कुण्डल हैं साथा।
देव वधू जस गावत, नृत्य करत ताथा॥
जय पार्वती माता॥
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर, नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी, सखियन संग राता॥
जय पार्वती माता॥
शुम्भ निशुम्भ विदारे, हेमांचल स्थाता।
सहस्त्र भुजा तनु धरि के, चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता॥
सृष्टि रूप तुही है जननी, शिवसंग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लही, सारा जग मदमाता॥
जय पार्वती माता॥
देवन अरज करत हम, चित को लाता।
गावत दे‑दे ताली, मन में रंग राता॥
जय पार्वती माता॥
श्री प्रताप आरती मैया की, जो कोई गाता।
सदा सुखी नित रहना, सुख‑सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता॥