मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →अम्बे माता दुर्गा का सबसे लोकप्रिय रूप है। जय अम्बे गौरी आरती सर्वाधिक प्रसिद्ध है। अम्बे का अर्थ माता होता है। नवरात्रि में इस आरती का विशेष महत्व है। अम्बे माता की आरती घर-घर में गाई जाती है। आरती से शक्ति और साहस मिलता है। माता की कृपा से सभी संकट दूर होते हैं।
॥ आरती — श्री अम्बे गौरी की ॥
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु‑कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
जय अम्बे गौरी॥
ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कमला रानी।
आगम‑निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥
जय अम्बे गौरी॥
चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूँ।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
जय अम्बे गौरी॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दुख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥
जय अम्बे गौरी॥
भुजा चार अति शोभित, वर‑मुद्रा धारी।
मनवाँछित फल पावत, सेवत नर‑नारी॥
जय अम्बे गौरी॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
जय अम्बे गौरी॥
श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
जय अम्बे गौरी॥