आरती संग्रह - भारतीय संस्कृति की पवित्र परंपरा

आरती हिंदू धर्म की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र परंपरा है जो सदियों से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। यह एक भक्तिमय अनुष्ठान है जिसमें दीपक या कपूर की लौ से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। आरती के समय मंगलमय वातावरण में घंटियों की मधुर ध्वनि, शंख की गूंज और भक्तिगीतों का सामूहिक गायन होता है जो मन को शांति और आत्मा को तृप्ति प्रदान करता है। प्रत्येक देवी-देवता की अपनी विशिष्ट आरती होती है जिसमें उनके गुणों, लीलाओं और महिमा का वर्णन होता है। सुबह और शाम की आरती का विशेष महत्व माना जाता है। आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, नकारात्मकता दूर होती है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है। यहां आपको विभिन्न देवी-देवताओं की संपूर्ण आरती संग्रह मिलेगा जिसमें लिखित पाठ के साथ-साथ उनका अर्थ और पूजा विधि भी दी गई है। चाहे आप गणेश जी की आरती हो, लक्ष्मी जी की, हनुमान जी की या किसी भी अन्य देवता की आरती खोज रहे हों, यहां आपको पूर्ण जानकारी मिलेगी।

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एकादशी आरती (Ekadashi Aarti)

॥ आरती — एकादशी माता की ॥ ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता॥ विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ ॐ जय एकादशी… तेर...

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श्री भैरव आरती (Shri Bhairav ​​Aarti)

॥ श्री भैरव आरती ॥ सुनो जी भैरव लाड़िले, कर जोड़ कर विनती करूँ। कृपा तुम्हारी चाहिए, मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ। मैं चरण छुता आपके, अर...

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महादेव आरती (Mahadev aarti)

॥ आरती — श्री शिवशंकर जी की ॥ हर हर हर महादेव! सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी। अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥ हर हर हर महादेव! ...

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शनिवार आरती (Saturday Aarti)

॥ आरती — श्री शनि देव की ॥ जय शनि देवा, जय शनि देवा, जय जय जय शनि देवा। अखिल सृष्टि में कोटि‑कोटि जन करें तुम्हारी सेवा। जय शनि देवा&hellip...

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शुक्रवार आरती (Friday aarti)

॥ आरती — श्री संतोषी माता की ॥ जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अपने सेवक जन को, सुख सम्पत्ति दाता॥ जय संतोषी माता॥ सुन्दर चीर स...

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गुरुवार आरती (Thursday Aarti)

॥ आरती — श्री बृहस्पति जी की ॥ ऊँ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा। छिन‑छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा॥ ऊँ जय बृहस्पति देवा॥ तुम पूर...

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बुधवार आरती (Wednesday Aarti)

॥ आरती — श्री कृष्ण जी की ॥ आरती युगल किशोर की कीजै, तन‑मन‑धन न्यौछावर कीजै॥ गौरश्याम मुख निखरन लीजै, हरि का स्वरूप नयन भरे पीजै॥ र...

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मंगलवार आरती (Tuesday Aarti)

॥ आरती — श्री हनुमानजी की ॥ आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांके। अंज...

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सोमवार आरती (Monday Aarti)

॥ आरती — श्री शिवजी की ॥ ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतु...

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रविवार आरती (Sunday Aarti)

॥ आरती — श्री सूर्य जी की ॥ जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥ जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्द...

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राणी सती की आरती (Aarti of Queen Sati)

॥ आरती — श्री राणी सती जी की ॥ जय श्री राणी सती मैया, जय जगदम्ब सती जी। अपने भक्तजनों की दूर करो विपती॥ जय श्री राणी सती मैया। अपनि अ...

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