मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →बुधवार भगवान गणेश का दिन है। इस दिन गणपति की विशेष पूजा होती है। हरे रंग का महत्व है। दूर्वा और मोदक का भोग लगाया जाता है। बुधवार आरती विघ्न निवारण के लिए है। बुध ग्रह की कृपा से बुद्धि का विकास होता है। आरती से सभी कार्य में सफलता मिलती है।
॥ आरती — श्री कृष्ण जी की ॥
आरती युगल किशोर की कीजै, तन‑मन‑धन न्यौछावर कीजै॥
गौरश्याम मुख निखरन लीजै, हरि का स्वरूप नयन भरे पीजै॥
रवि‑शशि कोटि बदन की शोभा, ताहि निरखि मेरो मन लोभा॥
ओढ़े नील‑पीत पट साड़ी, कुञ्जबिहारी गिरिवरधारी॥
फूलन की सेज, फूलन की माला, रत्न सिंहासन बैठे नन्दलाला॥
कंचन थाल, कपूर की बाती, हरि आये निर्मल भई छाती॥
श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी, आरती करें सकल ब्रजनारी॥
नन्दनन्दन बृजभान किशोरी, परमानन्द स्वामी अविचल जोरी॥
॥ आरती — श्री गणेश जी की ॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एकदन्त दयावन्त, चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा॥
अँधे को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥