मनिहारी का भेष बनाया (श्याम चूड़ी बेचने आया)
🎵 श्याम चूड़ी बेचने आया (पूर्ण भजन लिरिक्स) मनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया। मनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥ छ...
पढ़ें →यह कल्लाजी राठौड़ का लोकप्रिय भजन है। राजस्थान में सर्वत्र गाया जाता है। कल्लाजी की महिमा का गान है। लोक संगीत की मधुर धुन है। भजन वीरता और भक्ति दोनों दर्शाता है। गाने से कल्लाजी प्रसन्न होते हैं।
आवो म्हारे हिरदे कॅवरा बसो ए भवानी २
बसो ए भवानी कमधज बसो ए राठौड़ी
किण विद थारी करू थापना किण विद थाने मानू
राय लखन थारी करे अगवाणी ।
आवो म्हारे हिरदे कॅवरा बसो ए भवानी २
कुण देव थारी करे थापना कुण देव थाने माने
भक्त भरे रे जल जमना रो पाणी ।
आवो म्हारे हिरदे कॅवरा बसो ए भवानी २
गातोड़ थारी करे थापना तेजो था ने माने
और बैठाया थाने धोलेगढ़ धनीयाणी |
आवो म्हारे हिरदे कॅवरा बसो ए भवानी २
दूध चढे फूल चम्पा ने माने कैतकी बौरानी
केशर हुक्कोअरू अमला रो पाणी
आवो म्हारे हिरदे कॅवरा बसो ए भवानी २