कल्ला जी राठौड़ के भजन - वीर भक्त की गाथा

कल्ला जी राठौड़ राजस्थान के एक महान वीर योद्धा और भगवान कृष्ण के अनन्य भक्त थे। कल्ला जी के भजन राजस्थानी लोक संस्कृति का अभिन्न अंग हैं और इनमें वीरता तथा भक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। कल्ला जी की वीरता की गाथाएं और उनकी श्री कृष्ण के प्रति अटूट भक्ति की कहानियां इन भजनों में सुंदरता से प्रस्तुत की गई हैं। राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में कल्ला जी के भजन अत्यंत लोकप्रिय हैं और उन्हें लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। कल्ला जी के भजनों में राजस्थानी लोक संगीत की मधुरता और पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम का सुंदर प्रयोग होता है। ये भजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कल्ला जी के मंदिरों में विशेष अवसरों और त्योहारों पर भजन मंडलियां आयोजित होती हैं जहां भक्तगण सामूहिक रूप से भजन गाते हैं। कल्ला जी की कथाएं साहस, धर्म और भक्ति का संदेश देती हैं। राजस्थानी समाज में कल्ला जी के भजन गाना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। यहां आपको कल्ला जी राठौड़ के सभी प्रसिद्ध भजनों और लोकगीतों का संपूर्ण संग्रह मिलेगा जो राजस्थानी संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं।

कुल 6 पोस्ट

कल्लाजी हेलो (kallaji helo)

॥ जय माँ नागणेचा ॥       ॥ श्री ॥       ॥ जय श्री कल्ला बावजी ॥ जय श्री कल्याण कँवर जी कँवरा धूप के धुंआड़े बेगा आवजो जरणी जगद...

पढ़ें →

कल्लाजी भजन (Kallaji Bhajan)

आवो म्हारे हिरदे कॅवरा बसो ए भवानी २  बसो ए भवानी कमधज बसो ए राठौड़ी  किण विद थारी करू थापना किण विद थाने मानू  राय लखन थारी करे अ...

पढ़ें →

गातरोड़ जी से प्रार्थना ( कल्लाजी प्रार्थना ) (Prayer to Gatrod ji)

गातरोड़ जी से प्रार्थना चौहान तुम्हारे दर पे म्हे एक बात बताने आया एक बात बताने आया हूँ एक कथा सुनाने आया चौहान तुम्हारे दर पे म्हे ए...

पढ़ें →

अन्नदाता ने अर्जी (Annadaata Ne Arjee)

अन्नदाता ने अरजी और आसरो छोड़ आसरो लीनो आसरों कुंवर कल्लाजी को । हे राठौड़ कुल भूषण, थे दुःखड़ा कॉटो दुखिया को ॥ और आ. तरह-तरह रा रोगी ...

पढ़ें →

श्री शेषावतार 1008 श्री कल्लाजी भोग-भजन ( आरती ) Shri Sheshavatar 1008 Shri Kallaji Bhog-Bhajan (Aarti)

ब्यारु करण हेत सुख मैया श्री रघुवर भोग लगैया, जीमो रामा रजनी ओ पुत्र भई ओ, प्यारी ललना आन करो कुछ ब्यारु, जीमो रामा सीतारामजी लक्ष्म...

पढ़ें →