भजन संग्रह - भक्ति और आध्यात्मिकता का माध्यम

भजन भारतीय संस्कृति में भक्ति और आध्यात्मिकता व्यक्त करने का एक प्रमुख माध्यम है। भजन गाने और सुनने से मन को शांति मिलती है और भगवान के प्रति प्रेम और श्रद्धा बढ़ती है। प्राचीन काल से ही संतों और भक्तों ने अपनी भावनाओं को भजनों के माध्यम से व्यक्त किया है। मीराबाई, सूरदास, तुलसीदास, कबीर और नरसी मेहता जैसे महान भक्त कवियों ने अद्भुत भजनों की रचना की है जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। भजन केवल गीत नहीं हैं, बल्कि ये आत्मा की पुकार हैं जो परमात्मा तक पहुंचती है। विभिन्न देवी-देवताओं के लिए अलग-अलग भजन हैं - राम भजन, कृष्ण भजन, शिव भजन, हनुमान भजन, देवी भजन आदि। प्रत्येक भजन में भगवान के गुणों, लीलाओं और महिमा का वर्णन होता है। भजन मंडलियों में सामूहिक भजन गायन की परंपरा सदियों पुरानी है। भजन गाने से न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है। यहां आपको विभिन्न देवी-देवताओं के भजनों का विशाल संग्रह मिलेगा। प्रत्येक भजन के बोल, अर्थ और उसका महत्व भी बताया गया है।

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अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो लिरिक्स | Are Dwarpalo Kanhaiya Se Keh Do Lyrics

शीश पगा न झगा तन पे, प्रभु जानै को आहि बसै केहि ग्रामा। धोती फटी-सी लटी दुपटी, अरु पाँय उपानह को नहिं नामा॥ अरे द्वारपालों कन्हैया से क...

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श्री शेषावतार 1008 श्री कल्लाजी भोग-भजन ( आरती ) Shri Sheshavatar 1008 Shri Kallaji Bhog-Bhajan (Aarti)

ब्यारु करण हेत सुख मैया श्री रघुवर भोग लगैया, जीमो रामा रजनी ओ पुत्र भई ओ, प्यारी ललना आन करो कुछ ब्यारु, जीमो रामा सीतारामजी लक्ष्म...

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अन्नदाता ने अर्जी (Annadaata Ne Arjee)

अन्नदाता ने अरजी और आसरो छोड़ आसरो लीनो आसरों कुंवर कल्लाजी को । हे राठौड़ कुल भूषण, थे दुःखड़ा कॉटो दुखिया को ॥ और आ. तरह-तरह रा रोगी ...

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गातरोड़ जी से प्रार्थना ( कल्लाजी प्रार्थना ) (Prayer to Gatrod ji)

गातरोड़ जी से प्रार्थना चौहान तुम्हारे दर पे म्हे एक बात बताने आया एक बात बताने आया हूँ एक कथा सुनाने आया चौहान तुम्हारे दर पे म्हे ए...

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कल्लाजी भजन (Kallaji Bhajan)

आवो म्हारे हिरदे कॅवरा बसो ए भवानी २  बसो ए भवानी कमधज बसो ए राठौड़ी  किण विद थारी करू थापना किण विद थाने मानू  राय लखन थारी करे अ...

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कल्लाजी हेलो (kallaji helo)

॥ जय माँ नागणेचा ॥       ॥ श्री ॥       ॥ जय श्री कल्ला बावजी ॥ जय श्री कल्याण कँवर जी कँवरा धूप के धुंआड़े बेगा आवजो जरणी जगद...

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