कान्हा जी के भजन - नंदलाल की मधुर लीलाएं

कान्हा जी या कृष्ण के भजन प्रेम, भक्ति और मधुरता से भरपूर हैं। कान्हा के भजनों में उनकी बाललीलाओं, माखन चोरी, गोपियों के साथ रासलीला और मुरली की मधुर धुन का सुंदर चित्रण है। "कान्हा तेरी मुरली", "मोरे गाले में लाल चुनरी", "राधे राधे जय कान्हा", "बाँके बिहारी की जय" जैसे भजन बेहद मधुर और लोकप्रिय हैं। कान्हा भजनों में राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का अद्भुत वर्णन मिलता है। जन्माष्टमी पर कान्हा भजनों की विशेष महफिलें सजती हैं। कान्हा को गिरधर गोपाल, मुरलीमनोहर, नटवर नागर जैसे प्यारे नामों से पुकारा जाता है। कान्हा भजन सुनने से मन में प्रेम और भक्ति की भावना जागती है। व्रज की गलियों, यमुना के तट और गोकुल की लीलाओं का मनमोहक चित्रण कान्हा भजनों में मिलता है। कान्हा के भजन न केवल भक्ति बल्कि जीवन में प्रेम और आनंद का संदेश भी देते हैं। यहां आपको कान्हा जी के सभी मधुर भजनों का संग्रह मिलेगा जो आपके मन को भक्तिरस से सराबोर कर देंगे।

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अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो लिरिक्स | Are Dwarpalo Kanhaiya Se Keh Do Lyrics

शीश पगा न झगा तन पे, प्रभु जानै को आहि बसै केहि ग्रामा। धोती फटी-सी लटी दुपटी, अरु पाँय उपानह को नहिं नामा॥ अरे द्वारपालों कन्हैया से क...

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