भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, हो रही जय जय कार मंदिर विच, आरती जय माँ, हे दरबारा वाली आरती जय माँ, है पहाड़ा वाली आरती जय माँ || काहे दी म...
पढ़ें →माँ दुर्गा के भजन शक्ति, साहस और माँ के प्रति समर्पण से भरे हैं। दुर्गा मैया महिषासुर मर्दिनी हैं और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक हैं। दुर्गा भजनों में माँ के नौ रूपों, उनके अस्त्र-शस्त्रों और वाहन सिंह का वर्णन होता है। "जय अम्बे गौरी", "अम्बे तू है जगदम्बे काली", "दुर्गा है मेरी माँ", "मैया मैं नहीं माखन खायो" जैसे भजन अत्यंत लोकप्रिय हैं। नवरात्रि में दुर्गा भजनों का विशेष महत्व है और नौ दिनों तक भजन मंडलियां आयोजित होती हैं। शुक्रवार को भी दुर्गा मैया के भजन गाना शुभ माना जाता है। दुर्गा भजन सुनने और गाने से मन में शक्ति और आत्मविश्वास आता है। माँ दुर्गा की कृपा से सभी संकट दूर होते हैं और परिवार की रक्षा होती है। दुर्गा भजनों में माँ की महिमा, उनकी रक्षा शक्ति और भक्तों पर कृपा का सुंदर वर्णन है। माँ दुर्गा को महाशक्ति, आदिशक्ति और जगदम्बा के नाम से पुकारा जाता है। यहां आपको दुर्गा मैया के सभी शक्तिशाली भजनों का संपूर्ण संग्रह मिलेगा।
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, हो रही जय जय कार मंदिर विच, आरती जय माँ, हे दरबारा वाली आरती जय माँ, है पहाड़ा वाली आरती जय माँ || काहे दी म...
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