कृष्ण जी के भजन - मुरलीधर की मधुर भक्ति

श्री कृष्ण जी के भजन भारतीय भक्ति संगीत की सबसे मधुर और प्रेममय रचनाएं हैं। कृष्ण भजनों में उनकी बाललीला, रासलीला, गोवर्धन लीला और मथुरा लीलाओं का सुंदर वर्णन होता है। "राधा कृष्ण बोल मेरी जीभ", "गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो", "हरे कृष्ण हरे कृष्ण", "अच्युतम केशवम" जैसे भजन अत्यंत लोकप्रिय हैं। मीराबाई और सूरदास द्वारा रचित कृष्ण भजन अद्वितीय हैं। कृष्ण भजनों में राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम, मुरली की मधुरता, गोपियों की भक्ति और व्रज की लीलाओं का मनोहारी चित्रण मिलता है। जन्माष्टमी पर कृष्ण भजनों की विशेष महडोलियां होती हैं। कृष्ण भजन गाने और सुनने से मन में प्रेम और भक्ति की भावना जागृत होती है। कृष्ण को माखन चोर, नटखट नंदलाल, मुरलीमनोहर जैसे प्यारे नामों से पुकारा जाता है। कृष्ण भजन केवल भक्ति के लिए नहीं बल्कि जीवन दर्शन और नीति के लिए भी प्रेरणादायक हैं। यहां आपको श्री कृष्ण के सभी प्रसिद्ध भजनों का संपूर्ण संग्रह मिलेगा।

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अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो लिरिक्स | Are Dwarpalo Kanhaiya Se Keh Do Lyrics

शीश पगा न झगा तन पे, प्रभु जानै को आहि बसै केहि ग्रामा। धोती फटी-सी लटी दुपटी, अरु पाँय उपानह को नहिं नामा॥ अरे द्वारपालों कन्हैया से क...

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