शिव जी के भजन - महादेव की महिमा गान

भगवान शिव के भजन आध्यात्मिकता और भक्ति से ओतप्रोत हैं। महादेव को भोलेनाथ, नीलकंठ, शंकर, महाकाल और नटराज जैसे अनेक नामों से पुकारा जाता है। शिव भजनों में उनके तीसरे नेत्र, गंगा धारण, चंद्रमा, त्रिशूल, डमरू और नाग आभूषणों का वर्णन होता है। "ॐ नमः शिवाय", "भोले भंडारी", "शिव शंकर भोले", "दम दम डमरू बाजे", "शिव तांडव स्तोत्रम" जैसे भजन अत्यंत शक्तिशाली और लोकप्रिय हैं। सोमवार का दिन शिव जी का होता है और इस दिन शिव भजन गाना विशेष फलदायी है। महाशिवरात्रि पर रात भर शिव भजन और कीर्तन होते हैं। श्रावण मास में भी शिव भजनों का विशेष महत्व है। शिव भजन सुनने से मन शांत होता है, भय दूर होता है और आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। शिव को आशुतोष कहा जाता है क्योंकि वे भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं। शिव भजनों में उनकी तपस्या, त्याग और कल्याणकारी रूप का चित्रण है। यहां आपको भगवान शिव के सभी प्रसिद्ध भजनों का विस्तृत संग्रह मिलेगा।

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