धरती माता की कथा - सतीत्व रक्षा की गाथा
धरती माता की कथा - सतीत्व रक्षा की गाथा बहुत समय पहले की बात है। किसी गांव में एक औरत रहती थी। उसके पति की मृत्यु हो चुकी थी। उस औरत का ए...
पढ़ें →माघ मास हिंदू पंचांग का सबसे पवित्र और पुण्यदायी महीना माना जाता है जो जनवरी-फरवरी में आता है। इस मास में स्नान-दान का विशेष महत्व है और ऐसा माना जाता है कि माघ मास में किया गया दान करोड़ गुना फल देता है। माघ स्नान की परंपरा सदियों पुरानी है जिसमें लोग प्रतिदिन प्रातःकाल पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। प्रयागराज में गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम पर माघ मेला लगता है जहां लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं। माघ की पूर्णिमा का विशेष महत्व है और इस दिन तीर्थस्थलों में विशाल मेले लगते हैं। बसंत पंचमी भी इसी माह में आती है जब सरस्वती माता की पूजा की जाती है और शिक्षा का शुभारंभ किया जाता है। माघ मास में तिल और गुड़ का विशेष महत्व है। इस महीने में व्रत, उपवास और जप-तप का विशेष फल मिलता है। शीत ऋतु होने के कारण गरम वस्त्रों का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यहां आपको माघ मास के सभी व्रत-पर्व, स्नान की विधि, दान का महत्व और परंपराएं विस्तार से मिलेंगी। बसंत पंचमी की पूजा विधि और माघ स्नान के नियम भी बताए गए हैं।
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पढ़ें →बहुत समय पहले एक बुढ़िया माई रहती थी। वह नित्य व्रत-उपवास करती और नियमों का पालन करती थी। एक दिन यमदूत उसे लेने आ गए। बुढ़िया मा...
पढ़ें →एक शहर में देवरानी जेठानी रहती थी । देवरानी गरीब थी और जेठानी अमीर थी । देवरानी गणेश जी की भक्त थी। देवरानी का पति जंगल से लकड़ी काट कर ब...
पढ़ें →एक साहूकार और एक साहूकारनी थे। वह धर्म पुण्य को नहीं मानते थे। इसके कारण उनके कोई बच्चा नहीं था। एक दिन साहूकारनी पडोसी के घर गयी। उस द...
पढ़ें →एक शहर में देवरानी जेठानी रहती थी । देवरानी गरीब थी और जेठानी अमीर थी । देवरानी गणेश जी की भक्त थी। देवरानी का पति जंगल से लकड़ी काट कर ब...
पढ़ें →तिल चौथ की कहानी – किसी शहर में एक सेठ – सेठानी रहते थे । उनके कोई भी संतान नहीं थी । इससे दोनों जने दुःखी रहते थे । एक बार सेठानी ने पड...
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