हिंगलाज माता आरती - बलूचिस्तान शक्तिपीठ

हिंगलाज माता पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित शक्तिपीठ हैं। यह अत्यंत प्राचीन और पवित्र स्थान है। सती का ब्रह्मरंध्र यहां गिरा था। हिंदू श्रद्धालु यहां यात्रा करते हैं। हिंगलाज आरती विशेष शक्तिशाली है। माता की कृपा अद्भुत मानी जाती है। आरती से माता का आशीर्वाद और यात्रा की सफलता मिलती है।

हिंग्लज माता आरती | Hinglaj Mata Aarti

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
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परिचय

हिंग्लज (Hinglaj) का पवित्र स्थान पाकिस्तान के बेलूचिस्तान में स्थित है और शाक्त परंपरा में इसे एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यहाँ देवी सती का कोई अंग गिरा था, इसलिए यह स्थान देवी‑शक्ति की उपस्थिति और तात्पर्य के लिये प्रसिद्ध है। हिंग्लज का तीर्थस्थल एक गुफा/मन्दिर के रूप में जाना जाता है जहाँ दूर‑दूर से श्रद्धालु हिंग्लज यात्रा पर आते हैं। यहाँ की पूजा‑पद्धति में अनुष्ठान, दीप, भजन और आरती का विशेष महत्व है। हिंग्लज माता की आरती का पाठ भक्तों में संकटों से मुक्ति, मनोकामना‑सिद्धि और मातृकृपा की आशा जगाता है।

हिंग्लज माता आरती | Hinglaj Mata Aarti

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॥ आरती — हिंग्लज माता ॥

जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता।
जय तेजस्विनी माता, संकट हराने वाली माता।
जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता।

मातु तेरी महिमा अपर, भवसागर पार करावे।
भक्तों के कष्ट हरावे, अनुग्रह स्वरूप दास पे टरे।
जय हिंग्लज माता…

गुफा धाम की पावन भुमि, जहाँ तेरे चरण धरे।
तेरे नाम से जग जग उजला, अंधकार सब मिटे रहे।
जय हिंग्लज माता…

लाल वस्त्र, दीप और फूल, चढ़े जो तेरी चरणों पर।
भक्तों की हर पीड़ा छूटी, मिले जीवन को नव आधार।
जय हिंग्लज माता…

देवी सती की शक्ति तुम, भक्तों की शरण न्यारी।
दुःख आप से दूर होते, कृपा की हो साधु न्यारी।
जय हिंग्लज माता…

अग्नि‑ज्योति समान तेज, करुणा का तू भण्डार।
जो भी तेरा नाम लेंगे, पायेंगे कल्याण अपार।
जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता।