गणेश जी की खीर कथा (Ganesh ji Ki Kheer Katha)
गणेश जी की खीर कथा (Ganesh ji Ki Kheer Katha) एक बार गणेश जी एक छोटे बालक के रूप में चिमटी में चावल और चमचे में दूध लेकर निकले। वो हर किसी से कह रहे थे कि ...
पढ़ें →भाद्रपद मास हिंदू कैलेंडर का छठा महीना है जो अगस्त-सितंबर में आता है और अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों का समय है। इस मास का सबसे प्रमुख पर्व गणेश चतुर्थी है जब भगवान गणेश का जन्मोत्सव पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। विशेष रूप से महाराष्ट्र में यह पर्व दस दिनों तक चलता है। भाद्रपद मास में जन्माष्टमी भी आती है जो श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव है। इस दिन मध्यरात्रि को विशेष पूजा और व्रत का विधान है। भाद्रपद के कृष्ण पक्ष में पितृपक्ष या श्राद्ध पक्ष होता है जब अपने पूर्वजों का तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। यह पंद्रह दिनों का समय अपने पितरों को याद करने और उनकी शांति के लिए अनुष्ठान करने का होता है। भाद्रपद मास में राधा अष्टमी भी मनाई जाती है। इस महीने में हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है जो विवाहित महिलाएं करती हैं। भाद्रपद में किए गए दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है। यहां आपको भाद्रपद मास के सभी व्रत-त्योहारों की जानकारी मिलेगी। गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी और श्राद्ध पक्ष की विधि विस्तार से बताई गई है।
गणेश जी की खीर कथा (Ganesh ji Ki Kheer Katha) एक बार गणेश जी एक छोटे बालक के रूप में चिमटी में चावल और चमचे में दूध लेकर निकले। वो हर किसी से कह रहे थे कि ...
पढ़ें →एक ब्राह्मण था, जो नित्य प्रतिदिन सुबह उठकर गंगा जी में स्नान के लिए जाता और फिर बिंदायक जी की पूजा करता था, साथ ही बिंदायक जी की कहानिय...
पढ़ें →एक समय की बात है, एक ब्राह्मण था जिसकी एक संतान और बहू थी। उनका जीवन मुश्किल में था क्योंकि ब्राह्मण और उसका बेटा किसी खास काम से नहीं ज...
पढ़ें →