मानसा माता आरती | Mansa Mata / Mansa Devi Aarti
॥ आरती — मानसा माता ॥ जय मानसा माता, करुणा की मूरत प्यारी। साँप-रक्षक, संकट हरने वाली, हो जीवन में उजियारी। ॥जय माता॥ तेरी असीम दया स...
पढ़ें →ललिता माता प्रयागराज इलाहाबाद में स्थित शक्तिपीठ हैं। संगम के पास ललिता देवी मंदिर है। त्रिवेणी संगम का पवित्र स्थान है। यहां सती की अंगुली गिरी थी। कुंभ मेले में विशेष महत्व है। ललिता आरती अत्यंत भक्तिमय है। आरती से ललिता माता की कृपा और संगम स्नान का पुण्य मिलता है।
आरती — श्री ललिता माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)
जय ललिता माता, करुणा की मूरत प्यारी।
प्रयाग के तट पर तेरा ही ध्यानी, भक्तों की आशा निराली।
जय ललिता माता, मंगलमयी हर कली।
उंगलियों की जो सच्ची कहानी, बनी यहाँ पवित्र निशानी।
तेरे चरणों में जो झुके सिर, पावे जीवन में उजियानी।
जय ललिता माता, दया कर दे भक्ता को दानी।
दीप जला कर हम करें आरती, पुष्प चढ़ायें तव द्वार।
मातृशक्ति के चरणों से मिलें, हर संकट का उद्धार।
जय ललिता माता, करुणा कर, कर दे जीवन विचार॥
माँ! अपना आशीष सदा देना, दूर कर दो दुःख हमारे।
तेरे भजन से पावन ह्रदय, बन जाए घर-परिवार स्नेहभरे।
जय ललिता माता — जय जय माता, शरण तुम्हारी प्यारी।
जय ललिता माता॥