कामाक्षी माता आरती - कांचीपुरम की शक्तिपीठ

कामाक्षी देवी कांचीपुरम की प्रमुख अधिष्ठात्री देवी और 51 शक्तिपीठों में से एक मानी जाती हैं। माता कामाक्षी का अर्थ है - जिनकी आंखों में प्रेम और करुणा का निवास है। इनकी आरती का गान करने से भक्तों के कष्टों का निवारण होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। दक्षिण भारत की यह दिव्य आरती अत्यंत प्रभावशाली और भक्तिपूर्ण है।

कामाक्षी (कांचीपुरम) आरती | Kamakshi (Kanchipuram) Aarti

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
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परिचय

श्री कामाक्षी अम्मन का मंदिर तमिलनाडु के कांचीपुरम (Kanchipuram) में स्थित एक प्राचीन और प्रतिष्ठित देवी स्थान है। कामाक्षी माता पार्वती के सामर्थ्यपूर्ण रूपों में से एक मानी जाती हैं और दक्षिण भारत में उनके प्रति गहरी भक्ति पाई जाती है। कांचीपुरम का यह मंदिर धार्मिक, सांस्कृतिक और वैदिक परंपराओं के केन्द्रों में शुमार है — यहाँ नवरात्रि, द्वादशी और विशेष अनुष्ठान‑समारोह में भक्तों की भारी उपस्थिति रहती है। कामाक्षी माता को ज्ञान, सौभाग्य और जीवन‑सुधार का दाता माना जाता है; उनकी आरती और स्तुति में भक्तों की रक्षा, मनोकामना‑सिद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना निहित रहती है।

कामाक्षी (कांचीपुरम) आरती | Kamakshi (Kanchipuram) Aarti

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॥ आरती — श्री कामाक्षी अम्मन ॥

जय कामाक्षी माता, जय जय कामाक्षी माता।
ज्ञान‑कौशल्या, दीनदया, करुणा की मूरत माता।
जय कामाक्षी माता, जय जय कामाक्षी माता॥

कमलासन शोभित तेरी, मणि मुकुट अभिराम।
त्रिशूल धरे, सुन्दर रूपा, करुणा अमर भाव महान।
जय कामाक्षी माता…

कांचीपुरम की पावन भूमि, जहाँ तेरे चरण बसे।
भक्तों की दु:ख साधे तू, जीवन में दीप जले बसे।
जय कामाक्षी माता…

विद्या दात्री, कल्याण कारी, भक्तों की रीढ़ बनो।
संकट हरने वाली माता, कृपा से सबको ढाँक लो।
जय कामाक्षी माता…

तिरुमणी गायक स्तुति करें, तव चरणों को प्रणाम।
जो भी तेरे नाम लेता, उससे मिटे अज्ञान का काम।
जय कामाक्षी माता…

सौंदर्य शशि समान तेरी, वक्षस्थल में करुणा भारी।
सर्व सुखों की प्रदाता तू, जीवन करे उजियारी।
जय कामाक्षी माता…

नव दिगन्त में उजियारा, तेरी भक्ति से हो पावन।
जो तेरा ध्यान धर ले वे, पाएं संपूर्ण जीवन चमन।
जय कामाक्षी माता, जय जय कामाक्षी माता।