श्री लक्ष्मी अष्टक (Namastestu Mahā Māye) | Lakshmi Ashtakam — मंत्र, अर्थ व उपयोग
नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ।। 1 ।। नमस्ते गरुडध्वजायै सुरासुरप्रियाय च । न...
पढ़ें →देवी माता के मंत्र परम शक्तिशाली और चमत्कारी मंत्र हैं जो माँ के विभिन्न स्वरूपों की आराधना के लिए जपे जाते हैं। देवी को आदि शक्ति, महाशक्ति और जगत जननी माना गया है। दुर्गा माता के "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे", काली माता के "ॐ क्रीं कालिकायै नमः", लक्ष्मी माता के "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" जैसे शक्तिशाली बीज मंत्र हैं। सरस्वती माता का "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" मंत्र विद्या और ज्ञान के लिए, पार्वती माता के मंत्र सुख और समृद्धि के लिए जपे जाते हैं। नवदुर्गा की नौ देवियों के अलग-अलग बीज मंत्र हैं। देवी मंत्रों का जप नवरात्रि में, शुक्रवार को और देवी से संबंधित विशेष तिथियों पर करना अत्यंत फलदायी होता है। देवी मंत्र जप से घर में सुख-शांति आती है, परिवार की रक्षा होती है, शत्रु बाधा दूर होती है और धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। महिलाओं के लिए देवी मंत्र जप विशेष लाभकारी है। मंत्र जप करते समय लाल वस्त्र धारण करना, लाल फूल अर्पित करना और शुद्ध घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। यहां आपको सभी प्रमुख देवी माताओं के मंत्र, स्तोत्र, जप विधि और उनके अद्भुत लाभों की जानकारी मिलेगी।
नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ।। 1 ।। नमस्ते गरुडध्वजायै सुरासुरप्रियाय च । न...
पढ़ें →ॐ महालक्ष्म्यै विद्महे महाप्रभवायै धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥ Transliteration: Om Mahālakshmyai Vidmahe Mahāprabhavāyai Dhīmahi Tanno Lakshmī Prachodayāt उपयोग: ध्यान, बुद्धि‑...
पढ़ें →ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः ॥ Transliteration: Om Shreem Hreem Kleem Mahālakshmyai Namah उपयोग / जप: समृद्धि व वैभव के लिए सबसे सामान्य बीज‑मंत्र। 108 या 1080 माला‑...
पढ़ें →चामुंडा बीज (Chamunda / Chandika Navarna) ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उपयोग: भय, बाधा निवारण और शक्ति‑संकल्प के लिए। दुं बीज (Durga bija) ॐ दुं दुर्ग...
पढ़ें →मंत्र: माँ गायत्री (Maa Gayatri) ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ इस मंत्र का हिंदी में मतल...
पढ़ें →श्री शुभ ॥ श्री लाभ ॥ श्री गणेशाय नमः॥ नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥१॥ नमस्ते...
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