देवी माता के मंत्र - शक्ति और समृद्धि के मंत्र

देवी माता के मंत्र परम शक्तिशाली और चमत्कारी मंत्र हैं जो माँ के विभिन्न स्वरूपों की आराधना के लिए जपे जाते हैं। देवी को आदि शक्ति, महाशक्ति और जगत जननी माना गया है। दुर्गा माता के "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे", काली माता के "ॐ क्रीं कालिकायै नमः", लक्ष्मी माता के "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" जैसे शक्तिशाली बीज मंत्र हैं। सरस्वती माता का "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" मंत्र विद्या और ज्ञान के लिए, पार्वती माता के मंत्र सुख और समृद्धि के लिए जपे जाते हैं। नवदुर्गा की नौ देवियों के अलग-अलग बीज मंत्र हैं। देवी मंत्रों का जप नवरात्रि में, शुक्रवार को और देवी से संबंधित विशेष तिथियों पर करना अत्यंत फलदायी होता है। देवी मंत्र जप से घर में सुख-शांति आती है, परिवार की रक्षा होती है, शत्रु बाधा दूर होती है और धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। महिलाओं के लिए देवी मंत्र जप विशेष लाभकारी है। मंत्र जप करते समय लाल वस्त्र धारण करना, लाल फूल अर्पित करना और शुद्ध घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। यहां आपको सभी प्रमुख देवी माताओं के मंत्र, स्तोत्र, जप विधि और उनके अद्भुत लाभों की जानकारी मिलेगी।

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श्री लक्ष्मी अष्टक (Namastestu Mahā Māye) | Lakshmi Ashtakam — मंत्र, अर्थ व उपयोग

नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ।। 1 ।। नमस्ते गरुडध्वजायै सुरासुरप्रियाय च । न...

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लक्ष्मी गायत्री (Lakshmi Gayatri)

ॐ महालक्ष्म्यै विद्महे महाप्रभवायै धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥ Transliteration: Om Mahālakshmyai Vidmahe Mahāprabhavāyai Dhīmahi Tanno Lakshmī Prachodayāt उपयोग: ध्यान, बुद्धि‑...

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महालक्ष्मी बीज (Mahalakshmi Bīja)

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः ॥ Transliteration: Om Shreem Hreem Kleem Mahālakshmyai Namah उपयोग / जप: समृद्धि व वैभव के लिए सबसे सामान्य बीज‑मंत्र। 108 या 1080 माला‑...

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