नवग्रह चालीसा | Navgrah Chalisa
॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय जय। जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज। जयति र...
पढ़ें →चालीसा पाठ करने से मन को असीम शांति और आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है। यहाँ आप सभी प्रमुख देवी-देवताओं की चालीसा जैसे हनुमान चालीसा, शिव चालीसा और दुर्गा चालीसा का पाठ कर सकते हैं। हमने यहाँ चालीसा के पाठ की विधि और उससे मिलने वाले लाभों का भी विस्तार से वर्णन किया है ताकि आपकी पूजा सफल हो।
॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय जय। जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज। जयति र...
पढ़ें →॥ श्री गणेश मंत्र ॥ श्री गणेश प्रथम मनाऊ, रिद्धि‑सिद्धि भरपूर पाऊ। ॥ चालीसा ॥ नमो नमो श्री नागणेच्या माता, नमो नमो शिव‑शक्ति माता। ह...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ बन्दौं चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम। कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बा...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल। वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी, दुष्ट दलन लीला अवत...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ देवि पूजिता नर्मदा, महिमा बड़ी अपार। चालीसा वर्णन करत, कवि अरु भक्त उदार॥ इनकी सेवा से सदा, मिटते पाप महान। तट पर कर जप दान नर,...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल। वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी — दुष्ट दलन लीला अ...
पढ़ें →श्री कल्ला राठोड जय, जय जय कृपा निधान ! जयति जयति जन वरद, परभू करहु जगत कल्याण !! जयति जयति जय जय रणधीर ! कारज सुखद वीर गंभीरा ! जय कल्ला जय ...
पढ़ें →शेषावतार कल्लाजी राठौड़ पच्चीसी ।। जय श्री कल्याण ।। ।। हेला पच्चीसी।। कल्ला कीरत रावली, हेलो कोस हजार ! बांव पकड़ बैठा करो, अरवडिया आ...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री गुरु पद पंकज नमन, दूषित भाव सुधार। राणी सती सुविमल यश, बरणौं मति अनुसार॥ कामक्रोध मद लोभ में, भरम रह्यो संसार। शरण गहि क...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ सुवन केहरी जेवर, सुत महाबली रणधीर। बन्दौं सुत रानी बाछला, विपत निवारण वीर॥ जय जय जय चौहान, वन्स गूगा वीर अनूप। अनंगपाल को जीत...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ गणपति गिरजा पुत्र को, सुमिरूँ बारम्बार। हाथ जोड़ बिनती करूँ, शारद नाम आधार॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय जय गोरख नाथ अविनासी — कृपा ...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण ध्यान धर, सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भणत हूँ, रच चैपाई छन्द॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ श्याम श्याम भजि बारम्बार...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ हे पितरेश्वर आपको, दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो, रखदो सिर पर हाथ॥ सबसे पहले गणपत, पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ बन्दउ माँ शाकम्भरी, चरणगुरू का धरकर ध्यान। शाकम्भरी माँ चालीसा का, करे प्रख्यान॥ आनन्दमयी जगदम्बिका, अनन्त रूप भण्डार। मा...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ मूर्ति स्वयंभू शारदा, मैहर आन विराज। माला, पुस्तक, धारिणी, वीणा कर में साज॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय जय जय शारदा महारानी — आदि शक...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये दक्षजे, शम्भु प्रिये गुणखानि। गणपति जननी पार्वती, अंबे! शक्ति! भवानि॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरो प...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री गणपति पद नाय सिर, धरि हिय शारदा ध्यान। सन्तोषी मां की करुँ, कीरति सकल बखान॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय संतोषी मां जग जननी — खल ...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ गरुड़ वाहिनी वैष्णवी, त्रिकुटा पर्वत धाम। काली, लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति तुम्हें प्रणाम॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ नमो: नमो: वैष्णो व...
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