देवता चालीसा संग्रह - भगवान की भक्ति स्तुति

देवता चालीसा हिंदू धर्म के प्रमुख भगवानों को समर्पित चालीस पदों की भक्तिमय रचनाएं हैं। इन चालीसाओं में भगवान के अवतार, लीलाएं, गुण और महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है। हनुमान चालीसा सबसे लोकप्रिय और शक्तिशाली मानी जाती है जिसका पाठ संकट निवारण के लिए किया जाता है। राम चालीसा में भगवान राम की मर्यादा और धर्म का वर्णन है। कृष्ण चालीसा में श्री कृष्ण की बाललीला और प्रेम भक्ति का चित्रण है। शिव चालीसा में महादेव की महिमा और शक्ति का वर्णन है। गणेश चालीसा विघ्नहर्ता गणपति की स्तुति है जो नए कार्यों के शुभारंभ में पढ़ी जाती है। प्रत्येक देवता की चालीसा का अपना विशेष समय और फल होता है। हनुमान चालीसा मंगलवार और शनिवार को, शिव चालीसा सोमवार को, गणेश चालीसा बुधवार को और कृष्ण चालीसा एकादशी को पढ़ना विशेष शुभ है। चालीसा पाठ से भक्ति में वृद्धि होती है, मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। यहां आपको सभी प्रमुख देवताओं की चालीसाओं का संपूर्ण संग्रह मिलेगा। हर चालीसा का हिंदी पाठ, अर्थ और पाठ विधि विस्तार से दी गई है।

कुल 21 पोस्ट

श्री बजरंग बाण (Shri Bajrang Baan)

॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई / बाण (सुसंगत रूप में) ॥ जय हनुमन्त सन...

पढ़ें →

श्री गणेश चालीसा (Shree Ganesh Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू — मंगल भरण करण शुभः...

पढ़ें →

श्री शनि चालीसा (Shree Shani Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु क...

पढ़ें →

श्री शिव चालीसा (Shree Shiv Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला — सदा करत...

पढ़ें →

श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa)

॥ चौपाई ॥ श्री रघुबीर भक्त हितकारी — सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी। निशि‑दिन ध्यान धरै जो कोई — ता सम् भक्त और नहीं होई। ध्यान धरें ...

पढ़ें →

श्री पितर चालीसा (Shree Pitar Chalisa)

॥ दोहा ॥ हे पितरेश्वर आपको, दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो, रखदो सिर पर हाथ॥ सबसे पहले गणपत, पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर...

पढ़ें →